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हर साल नवंबर का महीना आते ही देशभर के पेंशनभोगियों के लिए एक ज़रूरी कार्य शुरू हो जाता है — “जीवन प्रमाण-पत्र (Life Certificate)” जमा करना।
यह प्रमाणपत्र इस बात का सबूत होता है कि पेंशन लेने वाला व्यक्ति जीवित है, ताकि उसकी पेंशन बिना रुकावट जारी रहे। पहले यह काम बैंक या दफ्तर जाकर किया जाता था, जो बुजुर्गों और अस्वस्थ लोगों के लिए बेहद कठिन होता था। अब भारत सरकार ने इस परेशानी का आधुनिक समाधान दे दिया है — जीवन प्रमाण’ (Jeevan Pramaan) नामक डिजिटल लाइफ सर्टिफिकेट प्रणाली।
आज अधिकांश बैंकों ने भी अपने स्तर पर डिजिटल जीवन प्रमाण-पत्र (Digital Life Certificate) जमा करने की सुविधा उपलब्ध करा दी है, जिससे पेंशनभोगी घर बैठे या नज़दीकी शाखा से ही आसानी से यह प्रक्रिया पूरी कर सकते हैं।

💡 क्या है ‘जीवन प्रमाण’ (Jeevan Pramaan)?

‘जीवन प्रमाण’ भारत सरकार की एक आधार-आधारित डिजिटल सेवा है, जिसकी शुरुआत 10 नवंबर 2014 को प्रधानमंत्री श्री नरेंद्र मोदी द्वारा की गई थी।
इसका उद्देश्य है — पेंशनरों को बैंक या दफ्तरों में जाने की ज़रूरत से मुक्त करना। यह सेवा आपके आधार नंबर और बायोमेट्रिक (फ़िंगरप्रिंट, आइरिस या चेहरा पहचान) के माध्यम से आपका Digital Life Certificate (DLC) बनाती है, जो स्वतः ही पेंशन एजेंसी को भेज दिया जाता है।


✅ ‘जीवन प्रमाण’ की प्रमुख विशेषताएँ

  • 🏦 शारीरिक उपस्थिति की आवश्यकता नहीं: बैंक या कार्यालय जाकर हस्ताक्षर कराने की ज़रूरत नहीं।
  • 🪪 आधार आधारित प्रमाणीकरण: फिंगरप्रिंट, आइरिस या फेस रिकग्निशन के ज़रिए सत्यापन।
  • 💻 डिजिटल भंडारण: प्रमाणपत्र “Life Certificate Repository” में सुरक्षित रहता है।
  • 📤 स्वतः सबमिशन: यह आपके पेंशन बैंक/संस्था को स्वतः इलेक्ट्रॉनिक रूप से उपलब्ध हो जाता है।
  • 📲 घर बैठे सुविधा: अब मोबाइल ऐप और डोरस्टेप सर्विस से भी प्रमाणपत्र बनवा सकते हैं।

🎯 जीवन प्रमाण-पत्र जमा करने के आसान तरीके

🔹 I. डिजिटल/ऑनलाइन माध्यम (सबसे आसान और लोकप्रिय!)

माध्यम क्या करें
1️⃣ Jeevan Pramaan Portal jeevanpramaan.gov.in पर जाएँ। नज़दीकी CSC केंद्र, बैंक शाखा या सरकारी कार्यालय में जाकर आधार और PPO विवरण देकर बायोमेट्रिक प्रमाणीकरण कराएँ।
2️⃣ Face Authentication (चेहरा पहचान) अपने Android मोबाइल में ‘Aadhaar FaceRD’ और ‘Jeevan Pramaan Face App’ डाउनलोड करें। मोबाइल कैमरे से चेहरा स्कैन कर घर बैठे ही DLC जनरेट करें।
3️⃣ Doorstep Banking Service देश के 12 सार्वजनिक क्षेत्र के बैंक यह सुविधा देते हैं। बैंक एजेंट आपके घर आकर बायोमेट्रिक के माध्यम से प्रमाणपत्र बनाते हैं।
4️⃣ India Post (डाकिया सेवा) डाक विभाग के “Doorstep” कार्यक्रम के तहत डाकिया आपके घर पर ही डिजिटल जीवन प्रमाण-पत्र तैयार कर सकता है।
5️⃣ UMANG App केंद्र सरकार के UMANG ऐप में ‘Jeevan Pramaan’ अनुभाग से भी डिजिटल लाइफ सर्टिफिकेट बनाया जा सकता है।

🔹 II. पारंपरिक (ऑफलाइन) माध्यम

जो लोग डिजिटल प्रक्रिया अपनाना नहीं चाहते, वे अभी भी अपनी पेंशन देने वाली बैंक शाखा या डाकघर में जाकर भौतिक जीवन प्रमाण-पत्र जमा कर सकते हैं।


🔢 प्रक्रिया (How It Works)

  1. पंजीकरण (Registration): आधार नंबर, PPO नंबर, बैंक विवरण और मोबाइल नंबर दर्ज करें।
  2. आधार प्रमाणीकरण (Authentication): फिंगरप्रिंट, आइरिस या चेहरा पहचान के माध्यम से पहचान की पुष्टि करें।
  3. प्रमाण-पत्र जनरेशन: प्रमाणीकरण सफल होने पर Pramaan ID जनरेट होती है और SMS द्वारा सूचना मिलती है। यह प्रमाणपत्र स्वतः पेंशन एजेंसी को भेज दिया जाता है।

📅 प्रमाण-पत्र जमा करने की समय-सीमा

आयु वर्ग अवधि
80 वर्ष से कम 1 नवंबर से 30 नवंबर
80 वर्ष या अधिक 1 अक्टूबर से 30 नवंबर

📝 आवश्यक दस्तावेज

  • आधार कार्ड (Aadhaar Number)
  • पेंशन भुगतान आदेश (PPO Number)
  • बैंक खाता संख्या और IFSC कोड
  • पंजीकृत मोबाइल नंबर (SMS हेतु)

⚠️ ध्यान देने योग्य बातें

  • आपका बैंक खाता आधार से लिंक होना ज़रूरी है।
  • यदि Digital Certificate अस्वीकृत हो जाए, तो सही जानकारी के साथ दोबारा बनवाएँ।
  • पुनर्विवाहित या पुनर्नियोजित पेंशनर डिजिटल जीवन प्रमाण का उपयोग नहीं कर सकते — उन्हें भौतिक प्रमाण-पत्र देना आवश्यक है।

🧐 अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न (FAQs)

1. क्या डिजिटल जीवन प्रमाण-पत्र आजीवन मान्य है?
नहीं। इसकी वैधता हर साल पेंशन प्राधिकरण के नियमों के अनुसार तय होती है। हर वर्ष नया प्रमाण-पत्र बनाना आवश्यक है।

2. क्या मुझे DLC की कॉपी बैंक में जमा करनी होगी?
नहीं। यह स्वतः पेंशन एजेंसी को ऑनलाइन पहुँच जाता है।

3. प्रमाण-पत्र की स्थिति कैसे देखें?
jeevanpramaan.gov.in/ppouser/login पर जाकर अपनी Pramaan ID या आधार नंबर डालकर स्टेटस देख सकते हैं।

4. अगर प्रमाण-पत्र अस्वीकृत हो जाए तो क्या करें?
पेंशन एजेंसी से संपर्क करें और नई सही जानकारी के साथ पुनः DLC जनरेट करें।


🌟 निष्कर्ष

‘जीवन प्रमाण’ भारत सरकार की एक सशक्त और संवेदनशील पहल है, जिससे बुजुर्ग पेंशनभोगियों को बैंक या दफ्तरों के चक्कर नहीं लगाने पड़ते। अब बस मोबाइल, आधार और एक क्लिक से पूरी प्रक्रिया पूरी हो सकती है। यह तकनीक और सम्मान का सुंदर संगम है — ताकि हमारे वरिष्ठ नागरिकों की मेहनत की कमाई बिना किसी परेशानी के उन तक पहुँचे।

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HRMS App के माध्यम से वीडियो आधारित जीवन प्रमाण पत्र जमा करने की नई सुविधा (केवल भारतीय स्टेट बैंक पेंशनर्स के लिए)

भारतीय स्टेट बैंक के पेंशनर्स के लिए जीवन प्रमाण पत्र जमा करने की प्रक्रिया को और आसान बनाने हेतु, SBI ने “myHRMS” मोबाइल ऐप के माध्यम से वीडियो आधारित जीवन प्रमाण पत्र (Video-Based Life Certificate) जमा करने की नई सुविधा प्रारंभ की है। यह सुविधा केवल उन्हीं भारतीय स्टेट बैंक पेंशनर्स के लिए उपलब्ध है जो HRMS ऐप का उपयोग कर रहे हैं।

1. कौन उपयोग कर सकते हैं यह सुविधा

  • वे भारतीय स्टाफ पेंशनर्स जो वर्तमान वर्ष के लिए अभी तक जीवन प्रमाण पत्र जमा नहीं कर चुके हैं।
  • जिनका फोटो HRMS सिस्टम में पहले से सत्यापित (verified) है।

नोट: जिन पेंशनर्स का फोटो HRMS में सत्यापित नहीं है, उन्हें पहले HRMS पोर्टल पर फोटो अपलोड कर शाखा में जाकर सत्यापन कराना होगा। इसके बाद ही यह सुविधा उपयोग की जा सकती है।

2. वीडियो आधारित जीवन प्रमाण पत्र जमा करने की प्रक्रिया (स्टेप-बाय-स्टेप)

  1. myHRMS ऐप में लॉगिन करें।
  2. Life Certificate टैब पर क्लिक करें।
  3. Offline Submission विकल्प चुनें।
  4. Record a Video विकल्प का चयन करें।
  5. स्क्रीन पर पूछे गए प्रश्नों के उत्तर दें (ये प्रश्न आपके HRMS डेटाबेस में उपलब्ध व्यक्तिगत विवरण पर आधारित होते हैं)।
  6. रिकॉर्डिंग पूरी होने पर Close and Submit बटन दबाएँ।
  7. स्क्रीन पर Acknowledgement Receipt प्रदर्शित होगी।

3. समीक्षा एवं अनुमोदन प्रक्रिया

रिकॉर्ड किया गया वीडियो संबंधित LHO स्तर के अधिकारी द्वारा जांचा जाएगा।

  • स्वीकृत होने पर: पेंशनर को SMS और ईमेल के माध्यम से पुष्टि प्राप्त होगी।
  • अस्वीकृत होने पर: अस्वीकृति का कारण (उदा. वीडियो की गुणवत्ता खराब, उत्तर गलत आदि) SMS/ईमेल से बताया जाएगा — पेंशनर पुनः रिकॉर्ड कर सबमिट कर सकते हैं।
  • यदि और स्पष्टीकरण की आवश्यकता हो, तो अधिकारी पंजीकृत मोबाइल नंबर पर संपर्क कर सकते हैं।

4. इस सुविधा के लाभ

  • बिना शाखा गए घर बैठे प्रमाण पत्र जमा करने की सुविधा।
  • त्वरित प्रक्रिया और रीयल-टाइम पुष्टि।
  • बुजुर्ग पेंशनर्स के लिए विशेष रूप से उपयोगी।

यह नई सुविधा भारतीय स्टेट बैंक की अपने सेवानिवृत्त कर्मचारियों के प्रति संवेदनशीलता और तकनीकी प्रगति की दिशा में एक और कदम है। अब पेंशनर्स अपनी सुविधा अनुसार फिजिकल, डिजिटल (Jeevan Pramaan) या वीडियो आधारित किसी भी माध्यम से जीवन प्रमाण पत्र जमा कर सकते हैं — जिससे समय की बचत, सुविधा, गोपनीयता और पहुंच में सुधार सुनिश्चित होता है।


नोट: यह विवरण प्रकाशित जानकारी और बैंक के दिशानिर्देशों के आधार पर तैयार किया गया है। किसी भी समय प्रक्रिया में परिवर्तन संभव है; अंतिम सत्यापन हेतु कृपया अपने नजदीकी शाखा या आधिकारिक SBI myHRMS सूचना देखें।


🔗 उपयोगी लिंक


⚖️ Disclaimer (अस्वीकरण)

यह लेख केवल जनजागरूकता और जानकारी के उद्देश्य से प्रकाशित किया गया है। पेंशन और जीवन प्रमाण से संबंधित नियम समय-समय पर बदल सकते हैं।
पाठकों से अनुरोध है कि वे अपने बैंक, डाकघर या संबंधित Pension Disbursing Authority से अद्यतन जानकारी अवश्य प्राप्त करें। लेखक या वेबसाइट किसी भी प्रकार की वित्तीय अथवा प्रशासनिक जिम्मेदारी नहीं लेती।

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